बैकुंठपुर। 1 मई 2026। कोरिया जिले की शिवपुर-चरचा नगर पालिका परिषद में एक बार फिर अध्यक्ष पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। आगामी जून 2026 में नगरीय निकाय उपचुनाव के साथ यहां अध्यक्ष पद के लिए भी चुनाव प्रस्तावित है। प्रशासन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। खास बात यह है कि पांच वर्ष के कार्यकाल के दौरान यह तीसरी बार होगा जब नगर पालिका में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया जाएगा, जिससे स्थानीय राजनीति में अस्थिरता का मुद्दा भी चर्चा में है।
दरअसल, वर्ष 2022 में हुए नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस की लालमुनि यादव अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले। परिषद में बहुमत का संतुलन बिगड़ने पर लालमुनि यादव को बहुमत सिद्ध करने का अवसर दिया गया, जिसमें वे सफल नहीं हो सकीं और उन्हें पद से हटा दिया गया। इसके बाद भाजपा के अरुण जायसवाल को अध्यक्ष बनाया गया। नियमानुसार उन्हें छह माह के भीतर परिषद में बहुमत सिद्ध करना था, लेकिन वे भी ऐसा करने में असफल रहे।
इसी बीच पूर्व अध्यक्ष लालमुनि यादव ने पूरे मामले को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि आगामी जून 2026 में होने वाले नगरीय निकाय उपचुनाव में शिवपुर-चरचा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव भी कराया जाएगा। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब परिषद का पूर्ण कार्यकाल नवंबर-दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है, यानी नए अध्यक्ष का कार्यकाल महज लगभग छह महीने का ही रहेगा।
इस बीच वर्तमान अध्यक्ष अरुण जायसवाल ने इस प्रस्तावित चुनाव पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इतने कम समय के लिए चुनाव कराना अनावश्यक है और इससे प्रशासनिक संसाधनों की भी बर्बादी होगी। उन्होंने बताया कि पार्षदों और आम नागरिकों के साथ मिलकर चुनाव को टालने के लिए न्यायालय में याचिका दायर की गई है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आगामी चुनाव में कौन-कौन दावेदारी पेश करता है और क्या कोर्ट इस मामले में कोई नया निर्देश देता है। फिलहाल शिवपुर-चरचा की राजनीति में असमंजस और हलचल दोनों बनी हुई है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी गर्माने की संभावना है।



