बैकुंठपुर (कोरिया)। जिले में सरकारी आवासों पर सेवानिवृत्ति के बाद भी कब्जा जमाए बैठे अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसडीएम बैकुंठपुर उमेश पटेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. आर.एस. सेंगर का सरकारी आवास खाली करवाया।
जानकारी के अनुसार डॉ. सेंगर 31 जुलाई 2025 को सेवानिवृत्त हो चुके थे, इसके बावजूद उन्होंने अब तक शासकीय आवास खाली नहीं किया था। इतना ही नहीं, आवास के बाहर “सेंगर आई क्लीनिक” का बोर्ड लगाकर उसका व्यावसायिक उपयोग भी किया जा रहा था। मामले में कई बार शिकायतें प्रशासन तक पहुंचीं, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और कार्रवाई करते हुए आवास को खाली कराया गया।
बताया जा रहा है कि संबंधित आवास के आसपास अतिरिक्त निर्माण भी कर लिया गया था, जो नियमों के विरुद्ध है। अब इस मामले में यह देखना अहम होगा कि सेवानिवृत्ति के बाद अतिरिक्त समय तक कब्जा बनाए रखने पर संबंधित अधिकारी से कितना पेनल रेंट वसूला जाता है और अन्य क्या कार्रवाई की जाती है।
इसी तरह इससे पहले जल संसाधन विभाग के सेवानिवृत्त एसडीओ आर.के.एस. भदौरिया द्वारा भी वर्षों तक शासकीय आवास पर कब्जा बनाए रखने का मामला सामने आया था, जिसे एसडीएम ने खाली करवाया था।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जीएडी (सामान्य प्रशासन विभाग) के अन्य शासकीय आवासों पर कब्जा जमाए लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन आगे किस प्रकार की सख्त कार्रवाई करता है।



