बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए एक नई उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को Coal India Limited की ऐसी एकमात्र अनुषंगी कंपनी के रूप में पहचान मिली है, जिसने कोयला उत्पादन, प्रेषण (आफटेक) और ओवरबर्डन निष्कासन—तीनों प्रमुख मानकों में एक साथ सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है।
वर्ष 2025-26 में एसईसीएल ने 176.2 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.26 प्रतिशत अधिक है। वहीं 178.6 मिलियन टन कोयला प्रेषण कर 4.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ओवरबर्डन निष्कासन के क्षेत्र में भी कंपनी ने 364.3 मिलियन क्यूबिक मीटर का अब तक का सर्वोच्च स्तर हासिल किया।
कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक Harish Duhan के नेतृत्व में परिवहन और लॉजिस्टिक्स को मजबूत किया गया। रेल माध्यम से प्रेषण में 16 प्रतिशत और एफएमसी के जरिए 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। भूमि अधिग्रहण के क्षेत्र में 358 हेक्टेयर भूमि अर्जित कर कंपनी ने 867 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोतरी हासिल की।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी एसईसीएल ने उल्लेखनीय कार्य किया। कंपनी ने 13.96 लाख पौधरोपण कर नया कीर्तिमान बनाया, साथ ही 43.78 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित कर लगभग 41,200 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई। खदान जल के उपयोग से 3800 हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई सुनिश्चित की गई।
क्षमता विस्तार के तहत कंपनी को 2.16 मिलियन टन प्रतिवर्ष अतिरिक्त क्षमता के लिए पर्यावरण स्वीकृति मिली, जबकि 39.02 मिलियन टन भविष्य की क्षमता वृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त हुआ। दुर्गापुर ओपन कास्ट खदान और अमृतधारा अंडरग्राउंड परियोजना जैसी नई योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। कोयला गुणवत्ता सुधार की दिशा में ग्रेड पुष्टिकरण 68 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया गया। ‘डिजीकोल’ डिजिटल प्रणाली के माध्यम से पारदर्शिता को बढ़ावा मिला, जिसकी सराहना Central Vigilance Commission ने भी की।
रोजगार सृजन में भी कंपनी ने नया रिकॉर्ड बनाया। वर्ष के दौरान 511 आश्रितों और 754 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया। प्रशासनिक पारदर्शिता के तहत जेम पोर्टल के माध्यम से 25,799 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड खरीद की गई और ‘विशेष अभियान 5.0’ में लगातार तीसरी बार शीर्ष स्थान प्राप्त किया। तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एसईसीएल देश की पहली कोयला सार्वजनिक उपक्रम बनी, जिसने पेस्ट फिल तकनीक लागू की। औसतन 53.2 रेक प्रतिदिन कोयला प्रेषण कर परिवहन व्यवस्था को और मजबूत किया गया।
सीएसआर के तहत 365.39 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के क्षेत्र में व्यापक प्रभाव पड़ा। महिला सशक्तिकरण की दिशा में पूर्णतः महिला संचालित औषधालय और केंद्रीय भंडार इकाई की स्थापना भी की गई।
इस अवसर पर सीएमडी हरिश दुहन ने कहा कि यह उपलब्धि कंपनी के प्रत्येक कर्मचारी के समर्पण और टीम भावना का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि एसईसीएल भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।




