कोरिया, 27 अप्रैल 2026। कृषि आदान (खाद, बीज एवं कीटनाशक) व्यापारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की। एग्री इनपुट डीलर एसोसिएशन (AIDA) सरगुजा संभाग के बैनर तले जिले के व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की।
व्यापारियों ने बताया कि देशभर के लगभग 5 लाख कृषि आदान विक्रेताओं का प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन पिछले 10 वर्षों से लगातार विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद अब तक समाधान नहीं होने के कारण यह आंदोलन किया गया है।
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
सब्सिडी वाले खाद के साथ कंपनियों द्वारा अन्य उत्पादों की जबरन लिंकिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
खाद की आपूर्ति डीलरों के बिक्री केंद्र तक (FOR आधार पर) सुनिश्चित की जाए, ताकि अतिरिक्त परिवहन खर्च न उठाना पड़े।
बढ़ती महंगाई को देखते हुए डीलर मार्जिन कम से कम 8 प्रतिशत किया जाए।
‘साथी’ (SATHI) पोर्टल को ग्रामीण खुदरा विक्रेताओं के लिए वैकल्पिक बनाया जाए।
अवैध HTBT बीजों की बिक्री पर रोक या अधिकृत डीलरों को नियंत्रित बिक्री की अनुमति दी जाए।
सीलबंद पैकिंग में गुणवत्ता खराब मिलने पर विक्रेताओं को दोषी न मानकर केवल गवाह का दर्जा दिया जाए।
नए बीज अधिनियम एवं कीटनाशक विधेयक 2025 में रिटेल डीलरों के लिए कठोर प्रावधानों को शिथिल किया जाए।
झूठी शिकायतों की जांच के लिए जिला स्तर पर समिति गठित की जाए।
लाइसेंस निलंबन की स्थिति में 21 दिनों के भीतर स्वतः बहाली का प्रावधान हो।
हर वर्ष प्रिंसिपल सर्टिफिकेट (PC) जोड़ने की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
बीजों के लिए दोहरी लाइसेंस व्यवस्था खत्म की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इससे कृषि कार्य प्रभावित होंगे और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।ज्ञापन में केंद्र और राज्य सरकार से मांग की गई है कि संबंधित मंत्रालयों को निर्देश देकर जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान कराया जाए, ताकि कृषि व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।


