बैकुंठपुर 25 मार्च। कोरिया वन मंडल के बैकुंठपुर स्थित वन विभाग कॉलोनी की जमीन की रजिस्ट्री हो जाने का मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, जिस भूमि पर वर्ष 1948 से वन विभाग की कॉलोनी बनी हुई है, उसी जमीन की हाल ही में रजिस्ट्री कर दी गई है। जबकि इससे पहले मामले को लेकर एसडीएम बैकुंठपुर द्वारा स्टे लगाया गया था।
इस पूरे मामले में एसडीएम बैकुंठपुर ने स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा लगाया गया स्टे अभी भी प्रभावी है और उसे हटाया नहीं गया है। ऐसे में स्टे के बावजूद जमीन की रजिस्ट्री होना कई सवाल खड़े कर रहा है। इधर, कॉलोनी में रह रहे सरकारी कर्मचारियों पर अब मकान खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उनमें भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वर्षों से निवास कर रहे कर्मचारियों को अब अपने ही सरकारी आवास छोड़ने की नौबत आ गई है।
वन विभाग के डीएफओ कोरिया का कहना है कि विभाग के वर्किंग प्लान में इस भूमि का रिकॉर्ड दर्ज है। वहीं, जिस व्यक्ति द्वारा जमीन बेची गई है, उसका नाम भी वर्ष 1948 के रिकॉर्ड में दर्ज बताया जा रहा है। इधर, छत्तीसगढ़ सरकार के नए नियमों के तहत सामान्य मामलों में राजस्व विभाग से अनुमति आवश्यक नहीं है, हालांकि अनुसूचित जनजाति (एसटी) की भूमि के मामले में अनुमति अनिवार्य है। माना जा रहा है कि इसी कारण रजिस्ट्री की जानकारी राजस्व विभाग तक नहीं पहुंच पाई।
फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और कानूनी उलझनों में घिरता नजर आ रहा है। कर्मचारियों और विभाग दोनों की नजर अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।

