बैकुंठपुर/सोनहत (कोरिया)। कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र स्थित कटगोड़ी प्री-मैट्रिक आदिवासी छात्रावास में 11वीं कक्षा के छात्र द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृत छात्र की पहचान सोनहत विकासखंड के ग्राम बसेर निवासी सुरेश के रूप में हुई है, जो छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
जानकारी के अनुसार रविवार 22 फरवरी 2026 को छात्रावास के दो छात्रों ने मीडिया के सामने छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं और कमियों को लेकर अपनी बात रखी थी। इन दोनों छात्रों में सुरेश भी शामिल था। हैरानी की बात यह है कि करीब 20 दिन बाद उसी छात्र ने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया, जिसके बाद अब इस पूरे मामले को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
छात्रावास में रहने वाले अन्य छात्रों का कहना है कि मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद न तो कोई अधिकारी छात्रावास की स्थिति देखने आया और न ही किसी प्रकार की जांच या फटकार की कार्रवाई हुई। छात्रों के मुताबिक खबर के बाद छात्रावास में किसी भी छात्र पर दबाव बनाए जाने जैसी कोई स्थिति सामने नहीं आई।
हालांकि अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ऐसा कौन सा कारण या दबाव था, जिसकी वजह से छात्र सुरेश ने इतना बड़ा और आत्मघाती कदम उठा लिया। यदि मीडिया में बयान देने को लेकर दबाव बनाया जाता तो स्वाभाविक रूप से दोनों छात्रों पर बनाया जाता, लेकिन ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
शुक्रवार रात हुई इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस हर पहलू से जांच में जुट गए हैं। मौके पर पहुंचे सोनहत एसडीएम, तहसीलदार संजय सिंह राठौर, थाना प्रभारी विनोद पासवान सहित पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्रावास पहुंचकर जांच शुरू की। छात्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी कर ली है और मामले की जांच जारी है। घटना के बाद छात्रावास में शोक का माहौल है, वहीं परिजन और स्थानीय लोग भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है कि आखिर छात्र को आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए किस परिस्थिति ने मजबूर किया।

