33 करोड़ की जल आवर्धन योजना पर सवाल, बिना जांच भुगतान के दबाव से बढ़ी चिंता, दस्तावेज मिले है धीरे धीरे खुलासा करूँगा- संजय जायसवाल

Chandrakant Pargir

 

बैकुंठपुर। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में नगर पालिका द्वारा संचालित जल आवर्धन योजना में अनियमितताओं के आरोपों ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांधी नागरिक एकता मंच के अध्यक्ष व पार्षद संजय जायसवाल ने बताया कि करीब 33 से 34 करोड़ रुपये की इस योजना में अब तक 23 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि योजना के स्वरूप में बदलाव के चलते लगभग 10 करोड़ रुपये वापस करने की स्थिति भी बनी। ऐसे में योजना की पारदर्शिता और क्रियान्वयन को लेकर संदेह गहराता जा रहा है।

पार्षद संजय जायसवाल के अनुसार, निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 8 लाख लीटर क्षमता की पानी टंकी शहर से बाहर क्यों बनाई गई और शहर में बिछाई गई पाइपलाइन में आवश्यक वॉल्व क्यों नहीं लगाए गए। कई बार जांच की मांग के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें योजना से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, जिनका अध्ययन कर चरणबद्ध तरीके से अनियमितताओं का खुलासा किया जाएगा।

मामले को और गंभीर बनाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार की करीब 1 करोड़ रुपये की अमानत राशि के भुगतान के लिए नगर पालिका अधिकारियों पर नगरीय प्रशासन रायपुर से दबाव बनाया जा रहा है। यहां तक कि तत्काल भुगतान न करने पर निलंबन की चेतावनी दी जा रही है। जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि जब तक पूरे 23 करोड़ रुपये के कार्यों—पाइपलाइन विस्तार और निर्माण—की विस्तृत जांच नहीं हो जाती, तब तक अमानत राशि का भुगतान नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर शहर की पेयजल व्यवस्था और जनहित से जुड़ा संवेदनशील मामला है।

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