एमसीबी। एमसीबी जिले के कांग्रेस के दिग्गज नेता सरन सिंह ने प्रदेश में सामने आ रहे अफीम की खेती के मामलों को लेकर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के दौरान अधिकारियों द्वारा घर-घर पहुंचकर दबिश दी गई, खेतों का भौतिक सत्यापन किया गया और किसानों के खेत-खेत की जांच की गई, लेकिन उसी समय अफीम की खेती अधिकारियों को दिखाई नहीं दी, यह चिंताजनक है।
सरन सिंह ने कहा कि इस वर्ष धान खरीदी के दौरान किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर किसानों से बार-बार जांच और सत्यापन कराया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा माहौल बन गया था मानो किसान धान नहीं बल्कि कोई अवैध वस्तु बेचने की कोशिश कर रहे हों। इसके बावजूद प्रशासन को अवैध अफीम की खेती का पता नहीं चल पाया।
उन्होंने कहा कि हाल ही में दुर्ग और बलरामपुर जिलों में दो स्थानों पर अफीम की खेती के मामले सामने आने से प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरन सिंह ने कहा कि यदि धान खरीदी के दौरान इतनी सख्त जांच की जा सकती है, तो अवैध अफीम की खेती कैसे नजर से बच गई। उन्होंने मांग की कि यदि इस मामले में किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

