बैकुंठपुर। नगर पालिका बैकुंठपुर के पोस्ट ऑफिस के सामने स्थित सामुदायिक भवन में संचालित शहरी रेलवे आरक्षण केंद्र अपनी बदहाल स्थिति पर आंसू बहा रहा है। केंद्र की फाल्स सीलिंग कई जगह से टूट चुकी है, फर्नीचर जर्जर हो गया है और साफ-सफाई भी कभी-कभार ही होती है। स्थिति यह है कि केंद्र में एक अदद अलमारी तक उपलब्ध नहीं है, जिससे अभिलेखों और आवश्यक सामान को व्यवस्थित रखने में भी दिक्कत हो रही है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 में तत्कालीन कलेक्टर ऋतु सेन की पहल पर बैकुंठपुर शहर में इस शहरी रेलवे आरक्षण केंद्र की स्थापना की गई थी। उस समय रेलवे को शहर में आरक्षण सुविधा शुरू करने के लिए राजी किया गया था, ताकि स्थानीय लोगों को टिकट के लिए दूर न जाना पड़े।
समझौते के तहत हर पीएनआर से लगभग 15 रुपये नगर पालिका को प्राप्त होना था, जिसके बदले नगर पालिका प्रशासन को केंद्र में फर्नीचर, साफ-सफाई, एक कर्मचारी का वेतन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करानी थीं। इससे नगर पालिका को आय का एक स्रोत भी मिलना था। नगर पालिका की आय तो बढ़ी परंतु अधिकारियों ने पलट कर इस ओर नही देखा।
लेकिन स्थापना के करीब 15 साल बाद भी केंद्र की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उद्घाटन के समय जो फर्नीचर रखा गया था, आज भी उसी से काम चलाया जा रहा है। भवन की हालत खराब होती जा रही है, जबकि नगर पालिका प्रशासन ने वर्षों से इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के महत्वपूर्ण सार्वजनिक केंद्र की ऐसी उपेक्षा प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है। नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से आरक्षण केंद्र की मरम्मत, बेहतर फर्नीचर और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था कराने की मांग की है।



