भरतपुर/एमसीबी। जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत हरचोखा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का एक बड़ा मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार यहां से निकाली जा रही रेत को परिवहन करने के लिए सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र का रॉयल्टी पास उपयोग किया जा रहा है, जिससे पूरे मामले में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक जिस रॉयल्टी पास का उपयोग किया जा रहा है, उसमें खनिज परिवहन की अनुमति ग्राम दबनकरा, तहसील प्रतापपुर, जिला सूरजपुर से बताई गई है। पास में वाहन क्रमांक MP 17 HH 7103 दर्ज है तथा रेत का परिवहन रीवा–सतना की ओर बताया गया है। जबकि वास्तविकता में रेत भरतपुर क्षेत्र के हरचोखा से लोड होकर ले जाई जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार दो दिन पहले गांव के लोगों ने संदेह होने पर एक हाइवा वाहन को रोक लिया था। इस दौरान मौके पर पहुंचे एक पटवारी ने कथित तौर पर एक परिवहन पास (टीपी) दिखाकर रेत परिवहन को वैध बताते हुए ग्रामीणों को समझाइश दी और वाहन को छुड़वा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें कार्रवाई की बात कहकर दबाव भी बनाया गया।
क्षेत्र में लगातार हो रहे रेत उत्खनन और भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि नदी और आसपास के इलाकों से बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही है, जिससे पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों को नुकसान पहुंच रहा है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब रॉयल्टी पास सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र का है, तो भरतपुर के हरचोखा से रेत का परिवहन कैसे किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस फर्जीवाड़े की जानकारी प्रशासन को भी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
अब इस खुलासे के बाद निगाहें एमसीबी जिला प्रशासन और खनिज विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। देखना होगा कि अवैध उत्खनन और फर्जी रॉयल्टी पास के इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।




