भरतपुर (एमसीबी)। जनपद पंचायत भरतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत हरचोका के ग्रामीणों ने मवई नदी में जारी रेत उत्खनन कार्य को बंद कराने की मांग को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार हो रहे उत्खनन से नदी की जलधारा प्रभावित हो रही है और जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। उनका कहना है कि माँ सीतामढ़ी निर्मल घाट पर सीढ़ियों से काफी नीचे पानी खिसक चुका है, जिसे मौके पर मापकर देखा जा सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि रामवनगमन पथ सीतामढ़ी क्षेत्र में रेत उत्खनन के कारण पानी दूषित हो रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और सर्वहारा वर्ग के लोगों को उसी पानी का उपयोग करने को मजबूर होना पड़ रहा है। रेत परिवहन में लगी भारी वाहनों की आवाजाही से प्रधानमंत्री सड़क जर्जर हो रही है और धूल से सड़क किनारे लगाए गए पौधे भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दिन-रात चलने वाले ट्रकों के कारण ध्वनि प्रदूषण बढ़ गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अत्यधिक उत्खनन से आसपास के कुएं और बोरवेल सूखने लगे हैं, जिससे पेयजल और सिंचाई संकट गहरा रहा है। नदी के पुल की स्थिति पर भी चिंता जताते हुए ग्रामीणों ने कहा कि लगातार भारी वाहनों के दबाव से पुल क्षतिग्रस्त होता जा रहा है। साथ ही, गहरे गड्ढों में मवेशियों के डूबने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल करने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर एवं थाना प्रभारी को भी प्रेषित की गई है।

