पीसीसीएफ की सख्ती: 10 दिन में वन विभाग में बड़ा फेरबदल, टाइगर रिज़र्व से तीनों मंडलों तक बदली तस्वीर

Chandrakant Pargir

 


कोरिया। 17 फरवरी को कोरिया प्रवास के दौरान पीसीसीएफ एवं वन बल प्रमुख श्रीनिवास राव ने गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिज़र्व, मनेन्द्रगढ़ तथा कोरिया वन मंडल के सभी परिक्षेत्र अधिकारियों, एसडीओ और डीएफओ की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में फील्ड स्तर की कार्यप्रणाली, वन संरक्षण की स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई परिक्षेत्रों में नियमित रेंजर उपलब्ध होने के बावजूद डिप्टी रेंजर पदस्थ थे। इसे प्रशासनिक असंतुलन मानते हुए पीसीसीएफ ने इनसाइड स्टोरी से चर्चा करते हुए स्पष्ट संकेत दिए कि पदस्थापना व्यवस्था में शीघ्र सुधार किया जाएगा। बैठक में जवाबदेही, पारदर्शिता और फील्ड मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया, जिसके बाद बड़े पैमाने पर फेरबदल अमल में लाया गया।

पीसीसीएफ के निर्देशों के बाद वन विभाग में व्यापक प्रशासनिक बदलाव किए गए।

गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिज़र्व में अहम बदलाव करते हुए लंबे समय से पदस्थ डिप्टी रेंजर महेश टुंडे को हटाकर उनकी जगह श्याम प्रताप सिंह को रेंजर बनाया गया है। वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव का स्थानांतरण चांदो (बलरामपुर) कर दिया गया है, जबकि कर्मजी परिक्षेत्र में सुश्री विभूति राज को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय हलकों में इसे टाइगर रिज़र्व की कार्यप्रणाली सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कोरिया वन मंडल, बैकुंठपुर में बदलाव के तहत संतोष कुमार तिवारी को रेंजर पद की जिम्मेदारी दी गई है। वर्तमान रेंजर भगन राम के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें यह दायित्व सौंपा गया। इसके अलावा सोनहत परिक्षेत्र में अनिल कुमार तथा देवगढ़ परिक्षेत्र में उमेश कुमार पैकरा को रेंजर के रूप में पदस्थ किया गया है। इसे कार्य दक्षता और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

मनेन्द्रगढ़ वन मंडल में भी बड़ा फेरबदल किया गया है। खड़गवां परिक्षेत्र में कमला सिंह यादव, कुँवारपुर में दिनेश कुमार साहू, कोटाडोल में ज्योतिरादित्य कुमार और जनकपुर परिक्षेत्र में अतुल तिवारी को पदस्थ किया गया है। वहीं मनेन्द्रगढ़ परिक्षेत्र में विश्वनाथ, केल्हारी में जितेंद्र कुमार रघुवंशी, बिहारपुर में एसडी सिंह तथा चिरमिरी परिक्षेत्र में टीकम सिंह ठाकुर को रेंजर बनाया गया है।

हालांकि बहरासी परिक्षेत्र में रेंजर इंद्रभान पटेल को यथावत रखा गया है। वे पिछले आठ वर्षों से अधिक समय से एक ही रेंज में पदस्थ हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार उनके संबंधों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा होती रही है। उन पर पूर्व में विभिन्न आरोप भी लगते रहे हैं, हालांकि इन मामलों में आधिकारिक पुष्टि या कार्रवाई की कोई सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है। बावजूद इसके, उन्हें इस फेरबदल में यथास्थान बनाए रखने को लेकर विभागीय और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं।


बजट खर्च नही कर पाएंगे टू स्टार

वन विभाग में यह फेरबदल ऐसे समय किया गया है जब मार्च का महीना बजट खर्च का अंतिम और सबसे अहम दौर माना जाता है। आमतौर पर विभागीय योजनाओं और स्वीकृत कार्यों का बड़ा हिस्सा इसी महीने में व्यय किया जाता है। ऐसे में मार्च से ठीक पहले बड़े पैमाने पर डिप्टी रेंजरों को हटाकर नए रेंजरों की पदस्थापना को महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अब बजट व्यय की जिम्मेदारी नवपदस्थ रेंजरों के हाथ में होगी, जिससे कार्यों की प्राथमिकता, क्रियान्वयन की गति और निगरानी व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है। विभागीय हलकों में इसे वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की रणनीतिक पहल माना जा रहा है।


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