कोरिया। रिश्वत प्रकरण में बचरापोड़ी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अब्दुल मुनाफ और सहायक उप निरीक्षक गुरु प्रसाद यादव को निलंबित कर दिया गया है। कोरिया के पुलिस अधीक्षक द्वारा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत गिरफ्तारी दिनांक 24 फरवरी 2026 से दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय रक्षित केंद्र बैकुंठपुर नियत किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
दरअसल, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) अम्बिकापुर ने 24 फरवरी 2026 को ट्रैप कार्रवाई करते हुए उप निरीक्षक अब्दुल मुनाफ को प्रार्थी सत्येन्द्र कुमार प्रजापति निवासी ग्राम कदबहरा से 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस मामले में सहायक उप निरीक्षक गुरु प्रसाद यादव को भी उनके निवास स्थान परी, जिला सूरजपुर से गिरफ्तार किया गया। दोनों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 07 एवं 12 के तहत थाना एसीबी अम्बिकापुर में अपराध क्रमांक 0/2026 दर्ज किया गया है।
25 फरवरी को दोनों आरोपियों को विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बैकुंठपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जिला जेल बैकुंठपुर भेज दिया गया। मामले की प्राथमिक जांच उप पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) को सौंपी गई है, जिन्हें सात दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
एसपी कोरिया का कड़ा संदेश
जिला पुलिस अधीक्षक कोरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पुलिस विभाग में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार, अनियमितता या पद के दुरुपयोग को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है, और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। एसपी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कर्तव्य पालन में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही सर्वोपरि है। यदि कोई भी कर्मचारी अवैध वसूली, रिश्वत या अनुशासनहीनता में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक थाना और चौकी स्तर पर कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और निष्पक्षता बनाए रखना अनिवार्य होगा। “जनसेवा हमारा धर्म है, और अनुशासन हमारी पहचान”—इसी मूल मंत्र के साथ कार्य करने की अपेक्षा की गई है।

