भरतपुर में अवैध रेत खनन को लेकर बढ़ा आक्रोश, प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल

Chandrakant Pargir

 

भरतपुर। एमसीबी जिला के भरतपुर क्षेत्र में कथित अवैध रेत उत्खनन और भंडारण को लेकर ग्रामीणों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बनास नदी के फॉरेस्ट व राजस्व भूमि से लंबे समय से अवैध तरीके से रेत निकाली जा रही है। बताया जा रहा है कि रेत का भंडारण कर रात के समय हाइवा और ट्रकों के जरिए इसे बाहर भेजा जाता है, जिससे स्थानीय संसाधनों के दोहन और पर्यावरणीय नुकसान को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले में संबंधित विभागों की ओर से अपेक्षित सख्ती नजर नहीं आ रही।

ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत के पंच-सरपंचों को भी इस कथित भंडारण या परिवहन की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है और पंचायत से किसी प्रकार की स्वीकृति भी नहीं दी गई है। इसे लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन को लिखित शिकायत देकर जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगी तो क्षेत्र में गंभीर पर्यावरणीय व सामाजिक असर पड़ सकता है।

इस बीच एक और घटना ने लोगों की नाराजगी को और बढ़ा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद पुलिस द्वारा एक हाइवा को पकड़ा गया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। कुछ लोगों का दावा है कि उन्होंने पुलिस वाहन को आगे और हाइवा को पीछे जाते देखा, जिससे कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन और चक्का जाम जैसे कदम उठाने पर मजबूर हो सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों व जनकपुर थाना सहित प्रशासनिक स्तर पर भी दी गई है। वहीं छत्तीसगढ़ प्रशासन से निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग की जा रही है, ताकि स्थिति सामान्य हो 

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