मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीसा बंदी डॉ निर्मल कुमार घोष से की आत्मीय मुलाकात, आपातकाल के दिनों को किया याद

Chandrakant Pargir

 


बैकुंठपुर (कोरिया) 16 फ़रवरी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हाल ही में मीसा बंदी रहे 92 वर्षीय डॉ निर्मल कुमार घोष (डॉ एन.के. घोष) के निवास पहुंचे और उनसे आत्मीय भेंट की। इमरजेंसी के दौरान 18 माह जेल में रहे डॉ घोष के संघर्ष और अनुभवों को मुख्यमंत्री ने सम्मानपूर्वक सुना। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा कृषि मंत्री राम विचार नेताम भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने डॉ घोष का श्रीफल और शॉल देकर उनका सम्मान किया।




मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात को लेकर डॉ घोष की पुत्री सुभरणा घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बेहद आत्मीयता के साथ उनके पिता से चर्चा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं और उनके पिता भी लंबे समय तक संघ से जुड़े रहे। इस दौरान दोनों ने अपने अनुभव साझा किए। सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले डॉ घोष आज भी बैकुंठपुर के विकास को लेकर चिंतित नजर आए और उन्होंने मुख्यमंत्री से फूलपुर होते हुए बैकुंठपुर शहर आने वाले पुराने मार्ग को फिर से शुरू करने की मांग की। उनका सुझाव था कि इस मार्ग पर नया पुल बनाकर आवागमन बेहतर किया जा सकता है।



बताया गया कि डॉ घोष पिछले कुछ वर्षों से चलने-फिरने में असमर्थ हो गए हैं, हालांकि लंबे समय तक वे चरचा स्थित अपने दवाखाने तक साइकिल से आना-जाना करते रहे। वर्षों तक योग के अभ्यास से उन्होंने खुद को स्वस्थ रखा और योगासन में विशेष दक्षता हासिल की। आज भी उनकी सादगी, अनुशासन और समाज के प्रति चिंता लोगों के लिए प्रेरणा बनी हुई।

 


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