बैकुंठपुर। कोरिया वन मंडल के सोनहत परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले कांटो गांव में 14 फरवरी की रात जंगली हाथियों के दल ने भारी तबाही मचा दी। लगभग 16 हाथियों के झुंड ने गांव में घुसकर यहां मौजूद कुल चार घरों को पूरी तरह तोड़ दिया। गांव में केवल 9 मतदाता हैं और सीमित आबादी वाला यह छोटा गांव अब लगभग उजड़ चुका है। घटना के दौरान ग्रामीण किसी तरह जान बचाकर भागे, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
इस संबंध में कोरिया वन मण्डल के DFO चन्द्रशेखर सिंह परदेसी ने बताया कि रेवेन्यू में यह गांव कोरिया में आता है पर फॉरेस्ट में यह गांव मनेन्द्रगढ़ के बिहारपुर रेंज में आता है, समन्वय बनाकर मुआवजा प्रकरण बनाने की कार्यवाही की जा रही है।
हाथियों के तांडव से न केवल मकान क्षतिग्रस्त हुए बल्कि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भी रौंद दी गई। इससे ग्रामीणों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित परिवार वर्षों से यहां खेती-किसानी और मजदूरी के सहारे जीवन यापन कर रहे थे, लेकिन घर और फसल दोनों के नुकसान से अब उनके सामने रहने और रोज़गार दोनों की समस्या उत्पन्न हो गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल राहत, मुआवजा तथा सुरक्षित पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि कुछ माह पहले भी हाथियों का दल गांव में पहुंचा था और तब भी घरों को नुकसान हुआ था, जिससे लगातार भय का माहौल बना हुआ है।
फिलहाल हाथियों का दल पास के चपली पानी बीट क्षेत्र में विचरण कर रहा है। वन विभाग द्वारा स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।




