एएसपी चौबे ने कहा कि महिला एवं छात्रा सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग का सहयोग आवश्यक है। शैक्षणिक संस्थानों के सामने नियमित निरीक्षण कर असामाजिक गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष रणनीति के तहत पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी।
मुसाफिरनामा को लेकर विशेष अभियान
पत्रकारों द्वारा मुसाफिरनामा के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किए जाने पर एएसपी चौबे ने बताया कि जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। बाहर से आने वाले व्यक्तियों के लिए मुसाफिरनामा अनिवार्य होगा, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।
यातायात नियमों पर सख्ती
यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि नाबालिगों द्वारा बिना लाइसेंस वाहन चलाना अपराध है। इस विषय में पुलिस, पत्रकारों के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाएगी, ताकि अभिभावक जिम्मेदारी समझें और बच्चों को वाहन न दें। लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी।
उन्होंने बिना नंबर प्लेट के वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने तथा बायपास सड़कों पर स्टंटबाजी रोकने के लिए लगातार पुलिस गश्त और सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके।
पत्रकारों ने दिए सुझाव
पत्रकार वार्ता में जिले के वरिष्ठ पत्रकारों—चंद्रकांत पारगीर, दीपक सिंह, अरुण जैन, निलेश तिवारी, प्रशांत मिश्रा, विशाल सिंह, मनोज सिंह, अमित पाण्डेय, महेंद्र पाण्डेय, राजु शर्मा, कमलेश एक्का, ऋतिक शिवहरे एवं ऋषि नाविक—की उपस्थिति रही। सभी ने कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव साझा किए।
अंत में एएसपी सुरेशा चौबे ने भरोसा दिलाया कि कोरिया जिले में कानून का राज स्थापित कर आमजन को सुरक्षित माहौल देने के लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी और ईमानदारी से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि पत्रकारों और जनता के सहयोग से ही जिले को अपराधमुक्त और सुरक्षित बनाया जा सकता है।


