बैकुंठपुर । कोरिया जिले में गुरुवार 15 जनवरी को शाम करीब 4 बजे पटना धान खरीदी समिति में छापामार कार्रवाई के दौरान टीम ने 105 बोरा धान पकड़ा। इस कार्रवाई के बाद धान खरीदी व्यवस्था और बारदाना वितरण को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हैरानी की बात यह सामने आई है कि पकड़े गए धान में समिति का ही वर्ष 2025–26 का बारदाना उपयोग किया गया था। सवाल यह है कि चालू वर्ष के बारदाने मिलर तक कैसे पहुंचे और फिर वही बारदाना किसान के पास कैसे पहुंच गया। इस पूरे घटनाक्रम ने धान खरीदी प्रणाली की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
कार्रवाई के बाद जांच के लिए पहुंची टीम को समिति परिसर में चाय के साथ बड़ा का नाश्ता कराए जाने की भी चर्चा है, जिससे जांच की निष्पक्षता को लेकर शंकाएं जताई जा रही हैं। वहीं, समिति में तैनात अधिकारी और कर्मचारी अधिकांश समय नदारद रहते हैं, जिससे व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं। यही वजह है कि बारदाना के दुरुपयोग और अवैध लेनदेन की आशंका और भी गहरी हो गई है।
स्थानीय लोगों और किसानों का कहना है कि जब समिति में जिम्मेदार अधिकारी ही मौजूद नहीं रहते, तो ऐसे में बारदाना का गलत तरीके से बाहर जाना स्वाभाविक है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मांग की जा रही है कि वर्तमान में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल हटाकर किसी अन्य स्वतंत्र टीम से जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बारदाना मिलर तक कैसे पहुंचा और फिर किसान के पास कैसे गया। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस मामले में दोषियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।


