सुरजपुर। 21 जनवरी । सुरजपुर कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश पर प्रशासन ने धान खरीदी में चल रहे बड़े फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई करते हुए अहम सफलता हासिल की है। जांच में सामने आया है कि कोरिया जिले के छिंदिया रनई क्षेत्र के कुछ राइस मिलर तथा सूरजपुर जिले के राइस मिलर आपसी सांठगांठ से धान की अवैध पलटी और एडजस्टमेंट कर रहे हैं। आरोप है कि एक जिले से धान उठाकर दूसरे जिले में किसानों के खातों में खरीदी दिखाते हुए उसे अवैध रूप से अन्यत्र परिवहन किया जा रहा था।
इसी क्रम में रामानुजनगर क्षेत्र में 6 पिकअप वाहनो को एसडीएम, तहसीलदार एवं जिला खाद्य अधिकारी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए जप्त किया। यह पूरी कार्रवाई कलेक्टर, सुरजपुर के निर्देश पर की गई। जप्त वाहन को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी, रामानुजनगर को सुपुर्द कर दिया गया है।
प्रारंभिक जांच में धान के स्रोत, परिवहन से जुड़े दस्तावेजों तथा किसानों के खातों में की गई एंट्री में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। दस्तावेजों के आधार पर यह आशंका और गहरी हो गई है कि मिलर नेटवर्क के जरिए सरकारी धान खरीदी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि कोरिया जिले में भी बड़े स्तर पर एडजस्टमेंट का घोटाला जारी बताया जा रहा है, लेकिन अब तक कोरिया प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से यह खेल चल रहा है, जिसकी परतें अब खुलने लगी हैं।
सुरजपुर प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मामले की विस्तृत जांच कर दोषी पाए जाने वाले राइस मिलरों, परिवहनकर्ताओं और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे प्रकरण ने धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।




