अम्बिकापुर से बैकुंठपुर के बीच जमगहना, कोटकताल होते हुए खरवत तक रेलवे द्वारा दूसरी रेल लाइन बिछाने का कार्य तेजी से कराया गया है। इस परियोजना के तहत रेल ट्रैक के बगल में जल निकासी के लिए बड़ी नाली का भी निर्माण कराया गया, ताकि बरसात के मौसम में पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही समय में नाली में कई स्थानों पर बड़े-बड़े क्रेक और दरारें दिखाई देने लगी हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग एक किलोमीटर लंबाई में बनी नाली में जगह-जगह दरारें उभर आई हैं। इससे पहले भी बैकुंठपुर रोड स्टेशन के पास बनी नाली में इसी तरह के क्रेक सामने आए थे, जिसकी खबर मीडिया में प्रमुखता से दिखाई और प्रकाशित की गई थी। बावजूद इसके, रेलवे प्रशासन द्वारा निर्माण की गुणवत्ता सुधारने या ठेकेदार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होते नजर नहीं आ रही है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी परियोजना में इस तरह की लापरवाही भविष्य में दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकती है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस पूरे मामले में रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी सामने आने से बच रहे हैं। आरोप है कि जब इस संबंध में अधिकारियों से फोन या व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया गया तो न तो संतोषजनक जवाब मिला और न ही निरीक्षण की कोई जानकारी दी गई। यहां तक कि कुछ मामलों में संवाद करने पर संपर्क माध्यम को ब्लॉक कर दिए जाने की भी बात सामने आई है। अब स्थानीय नागरिक और जनप्रतिनिधि निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी ठेकेदारों पर कार्रवाई करने और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।




