सूरजपुर में रिश्वत का जाल बेनकाब, नियुक्ति के बदले सौदेबाज़ी, लगातार दूसरे दिन एसीबी की कार्रवाई, सहकारी निरीक्षक गिरफ्तार

Chandrakant Pargir



सूरजपुर |नियुक्ति के नाम पर रिश्वतखोरी का एक और मामला सूरजपुर जिले में सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) अंबिकापुर की टीम ने बुधवार रात सहकारी निरीक्षक अभिषेक सोनी को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी लेखापाल पद पर नियुक्ति आदेश जारी करने के एवज में युवक से डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहा था।



ग्राम करसी, तहसील व थाना प्रतापपुर निवासी 25 वर्षीय शुभम जायसवाल, पिता पारसनाथ जायसवाल ने 17 दिसंबर 2025 को उप पुलिस अधीक्षक एसीबी अंबिकापुर के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि भारत सरकार के राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा सूरजपुर जिले के रामानुजनगर, प्रेमनगर, सूरजपुर, भैयाथान एवं प्रतापपुर विकासखंड में छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 के तहत कुल पांच बहुउद्देशीय किसान उत्पादक सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जिनमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी/प्रबंधक एवं लेखापाल की तीन वर्ष की संविदा नियुक्ति की जानी थी।



प्रार्थी द्वारा मां समलेश्वरी बहुउद्देशीय कृषक उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित, टुकुडांड में लेखापाल पद हेतु आवेदन किया गया था। प्राधिकृत अधिकारी द्वारा 1 दिसंबर 2025 को जारी पात्र सूची में प्रार्थी का नाम शामिल होने के बाद 5 दिसंबर को दक्षता परीक्षण एवं साक्षात्कार आयोजित किया गया, जिसमें प्रार्थी ने दस्तावेज सत्यापन, टाइपिंग टेस्ट एवं इंटरव्यू में भाग लिया।

शिकायत के अनुसार चयन सूची जारी करने एवं नियुक्ति आदेश देने के बदले प्राधिकृत अधिकारी एवं सहकारी निरीक्षक अभिषेक सोनी ने शुभम जायसवाल से 1 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत के सत्यापन के दौरान सौदेबाजी के बाद आरोपी पहले 1 लाख और अंततः 80 हजार रुपये लेने पर राजी हुआ तथा 40 हजार रुपये तत्काल देने का दबाव बनाया। आरोपी ने रकम न देने की स्थिति में किसी अन्य के नाम नियुक्ति आदेश जारी करने की धमकी भी दी।

शिकायत सत्यापन के बाद 17 दिसंबर की रात करीब 8.25 बजे प्रार्थी रिश्वती रकम 40 हजार रुपये लेकर कार्यालय आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, सूरजपुर के उपायुक्त सहकारिता कक्ष क्रमांक-01 पहुंचा। जैसे ही प्रार्थी ने आरोपी को रकम सौंपी, आरोपी ने उसे अपनी जैकेट की जेब में रख लिया और अगले दिन 18 दिसंबर को नियुक्ति आदेश देने की बात कही। इसी दौरान पहले से तैनात एसीबी अंबिकापुर की टीम ने सहकारी निरीक्षक अभिषेक सोनी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।

एसीबी द्वारा मौके पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी नियुक्तियों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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