विकास वाटिका से विजन डॉक्यूमेंट तक… कोरिया में छाप छोड़ गए मुख्य सचिव विकासशील

Chandrakant Pargir

 


कोरिया। प्रदेश के मौजूदा मुख्य सचिव विकासशील का नाम कोरिया जिले की जनता आज भी गर्व से लेती है। लगभग 20 वर्ष पहले जब वे जिले के तीसरे कलेक्टर के रूप में यहां पदस्थ हुए थे, तभी से उनकी कार्यशैली और दूरदर्शिता ने लोगों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। उस दौर के कई प्रसंग आज भी जिले के लोग याद करते हैं।


वरिष्ठ पत्रकार फारुख ढेबर उन दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि विकासशील की नियुक्ति उस समय हुई थी जब वे मध्यप्रदेश के ग्वालियर नगर निगम में कमिश्नर थे और छत्तीसगढ़ कैडर में आने के बाद कोरिया उनका पहला जिला था। कलेक्टर पद के साथ-साथ वे चिरमिरी नगर निगम के पदेन प्रशासक भी रहे और दोनों जिम्मेदारियों को बड़ी सजगता से निभाया। उनकी कार्यकुशलता का असर यह रहा कि जनता उन्हें आज भी “विकास के चेहरे” के रूप में याद करती है।


कलेक्टर रहते हुए विकासशील ने 10 हजार पौधों का पौधरोपण करवाया, जिसे बाद में “विकास वाटिका” का नाम दिया गया। उन्होंने कोरिया के भविष्य के लिए विजन डॉक्यूमेंट 2010 तैयार करवाया, जिसमें तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. रामचंद्र सिंहदेव का सहयोग मिला। यही दस्तावेज जिले के विकास का रोडमैप साबित हुआ। वहीं 2003 में जब राज्य में भाजपा की सरकार बनी, तो उनकी योजनाबद्ध कार्यशैली को देखते हुए उन्हें बिलासपुर कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई।


उनके कार्यकाल में कोरिया को कई बड़ी सौगातें मिलीं। कलेक्टर भवन, जिला पंचायत भवन, कलेक्टर बंगला, एसपी बंगला और 26 क्वार्टरों का निर्माण उन्हीं के समय पूरा हुआ। इनका लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने किया था। विकासशील तकनीक के मामले में भी आगे रहे। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए हरसंभव प्रयास किया, ताकि प्रशासन आधुनिकता से कदम मिला सके।


व्यक्तित्व की दृष्टि से भी वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी रहे हैं। क्रिकेट, बैडमिंटन और शतरंज जैसे खेलों में निपुण होने के साथ-साथ वे एक अच्छे गायक भी रहे हैं। उनकी मिलनसार शैली ने उन्हें जनता और कर्मचारियों दोनों के बीच लोकप्रिय बनाया। उनके तीन साल के कार्यकाल में कभी उन्हें ऊंची आवाज और नाराज होते नही देखा गया, उन्होंने 2003 के विधानसभा चुनाव के बेहतर प्रबंधन और निष्पक्ष चुनाव संपादित करवाए, इसी उपलब्धि के लिए उन्हें दिल्ली में सम्मानित भी किया गया।


कोरिया जिले में उन्होंने जो वर्किंग कल्चर विकसित किया था, उसके बाद के वर्षों में उसमें गिरावट महसूस की गई। फिर भी लोग आज भी कहते हैं कि विकासशील जैसे कलेक्टर ने जिले को नई पहचान दी।


आज लगभग दो दशक बाद, कोरिया जिले के लिए यह गर्व की बात है कि उस समय के कलेक्टर विकासशील आज राज्य के मुख्य सचिव हैं और उसी दौर के एसपी अरुण देव गौतम प्रदेश के डीजीपी के पद पर सुशोभित हैं। कोरिया की जनता इसे अपनी मिट्टी का सम्मान मानकर गौरव महसूस करती है।


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