कोरिया। इतिहास के पन्नों में अक्सर अनदेखे रह गए वीरों को मंच पर उतारकर जीवंत करने का कार्य शनिवार की शाम रामानुज विद्यालय के मैदान में देखने को मिला। नाट्यकिरण मंच, मुंबई के कलाकारों ने किसान पुत्र वीर गोकुल सिंह जाट के जीवन और संघर्ष पर आधारित नाट्य प्रस्तुति से दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
मंचन में दिखाया गया कि किस प्रकार मुगलों के अत्याचार, समाज पर हो रहे अन्याय और महिलाओं पर हो रहे दमन से व्यथित होकर एक साधारण किसान पुत्र ने योद्धा का रूप धारण किया। समर्थ रामदास जी की प्रेरणा से गुरिल्ला युद्ध की कला में निपुण हुए गोकुल सिंह ने मुगलों की सेना को सात बार पराजित कर औरंगजेब को नाकों चने चबवा दिए। कलाकारों ने संवाद, अभिनय, दृश्य संयोजन और पार्श्व संगीत के माध्यम से हर पल को इतना जीवंत बना दिया कि दर्शक सांसें थामकर इस अद्भुत प्रस्तुति को आत्मसात करते रहे।
साहित्यकार रुद्र मिश्रा ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि इस मंचन ने उन्हें और लगभग 90 प्रतिशत दर्शकों को पहली बार वीर गोकुल सिंह के शौर्य से विस्तार से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि जैसे बिरसा मुंडा और वीर गुंडाधुर जैसे जननायकों को इतिहास में स्थान मिला है, वैसे ही गुमनाम रह गए वीर गोकुल को भी पहचान दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने आयोजन में योगदान देने वाले देव फौजदार और पूरी टीम के साथ-साथ केशरीनंदन समूह के राष्ट्रप्रेमी सदस्यों का अभिनंदन किया और इस तरह के मंचन को निरंतर जारी रखने की अपील की।




