बैकुंठपुर में गूँजेगा देशभक्ति का स्वर, 27 सितंबर को होगा ‘देशधर्म रक्षक वीर गोकुला’ का मंचन, नगरवासियों में उत्साह

Chandrakant Pargir

 


बैकुंठपुर, 23 सितंबर। बैकुंठपुर का सांस्कृतिक परिदृश्य 27 सितंबर की शाम एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। रामानुज हाई स्कूल प्रांगण में नाट्यकिरण मंच द्वारा “सितारों का मेला” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। शाम 6 बजे से शुरू होने वाले इस भव्य आयोजन का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध नाटककार देव फौजदार द्वारा रचित नाटक “देशधर्म रक्षक वीर गोकुला” का मंचन होगा।


किसान वीर गोकुला की अमर गाथा


यह नाटक भारतभूमि के उस अमर सपूत किसान वीर गोकुला की शौर्यगाथा पर आधारित है, जिन्होंने अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करते हुए प्राणों की आहुति दे दी। देश, धर्म और समाज की रक्षा करने वाले गोकुला ने जो बलिदान दिया, वह आज भी इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। उनके जीवन का संघर्ष और अदम्य साहस न केवल दर्शकों को भावविभोर करेगा, बल्कि नई पीढ़ी को भी देशभक्ति और त्याग के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देगा।


नगर में उत्साह का माहौल


इस नाट्य मंचन की खबर फैलते ही नगरवासियों में उत्साह का वातावरण है। स्थानीय कला, साहित्य और रंगमंच से जुड़े लोगों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन बैकुंठपुर की सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊँचाई प्रदान करते हैं। नाट्यकिरण मंच के कलाकार कई दिनों से अभ्यास में जुटे हुए हैं ताकि दर्शकों को जीवंत और प्रभावशाली प्रस्तुति दी जा सके।


आयोजकों की अपील


कार्यक्रम के आयोजकों ने नागरिकों, विद्यार्थियों और सांस्कृतिक प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि यह नाटक केवल मनोरंजन भर नहीं, बल्कि समाज में त्याग, बलिदान और एकता का संदेश भी देगा।


नई पहचान की ओर स्थानीय रंगमंच


विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की प्रस्तुतियाँ स्थानीय रंगमंच को नई पहचान दिलाने का काम करती हैं। साथ ही यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का अवसर भी प्रदान करती हैं। “देशधर्म रक्षक वीर गोकुला” का मंचन नगर में देशभक्ति की भावना को और प्रखर करेगा।




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