निकाय चुनाव की आहट: बैकुंठपुर और शिवपुर-चरचा में अध्यक्ष-पार्षद पद के दावेदार सक्रिय, वार्ड आरक्षण का इंतजार

Chandrakant Pargir

 


बैकुंठपुर। दिसंबर 2026 में प्रस्तावित नगर पालिका चुनाव को लेकर बैकुंठपुर और शिवपुर-चरचा में राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। दोनों नगर पालिका परिषदों में अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों के साथ ही पार्षद पद के लिए भी बड़ी संख्या में नेता अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। हालांकि पार्षद पद के संभावित उम्मीदवारों की नजर अब वार्ड आरक्षण पर टिकी हुई है। राज्य स्तर पर दिसंबर में होने वाले निकाय चुनावों की तैयारियां जारी हैं और बैकुंठपुर व शिवपुर-चरचा भी प्रस्तावित चुनाव वाले निकायों में शामिल हैं। 


आरक्षण को लेकर बाजार में चर्चाओं का दौर

वार्ड आरक्षण को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। राजनीतिक गलियारों और बाजार में यह चर्चा भी है कि आरक्षण रोस्टर बदलने के बाद वर्तमान पार्षदों में से कई को दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने की तैयारी करनी पड़ सकती है। हालांकि अभी वार्डों का आधिकारिक आरक्षण घोषित नहीं हुआ है, इसलिए इन चर्चाओं को फिलहाल केवल अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है। प्रदेश में वार्ड पार्षदों के आरक्षण की प्रक्रिया अभी जारी होने की जानकारी सामने आई है। 


नगर पालिका प्रशासन की ओर से आगामी 30 सितंबर 2026 तक वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना जताई जा रही है। आरक्षण की सूची सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किस वार्ड में किस वर्ग के लिए चुनाव होगा और मौजूदा पार्षदों तथा नए दावेदारों के राजनीतिक समीकरण किस तरह बदलेंगे।


अध्यक्ष पद के दावेदारों की बढ़ी सक्रियता

इधर अध्यक्ष पद के दावेदारों को लेकर दोनों नगर पालिकाओं में राजनीतिक चर्चा तेज है। संभावित दावेदार अब सामाजिक, धार्मिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ-साथ अपने-अपने संभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच सक्रिय नजर आने लगे हैं। समर्थकों की सक्रियता और मेल-मुलाकात का दौर भी बढ़ा है।

बैकुंठपुर में अध्यक्ष पद के लिए सामान्य सीट होने के बाद दावेदारों की संख्या बढ़ने की चर्चाएं पहले से ही सामने आती रही हैं।  वहीं शिवपुर-चरचा में अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के कारण महिला दावेदारों के नामों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा बनी हुई है।


भाजपा ने शुरू की तैयारी, कांग्रेस भी रणनीति में जुटी

चुनावी तैयारियों के मामले में भाजपा की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। दोनों नगर पालिका क्षेत्रों में चुनाव प्रभारी स्तर पर बैठकें हो चुकी हैं और संगठनात्मक तैयारियों पर चर्चा की जा रही है। दूसरी ओर कांग्रेस भी अपनी चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटी है। कांग्रेस ने बैकुंठपुर और शिवपुर-चरचा के लिए चुनावी पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी भी तय की है।

अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ संभावित प्रत्याशियों की नजर वार्ड आरक्षण की आधिकारिक घोषणा पर है। आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही पार्षद पद के दावेदारों की दौड़ तेज होने और दोनों नगर पालिकाओं में चुनावी माहौल और गर्म होने की संभावना है। फिलहाल शहर की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ हकिस वार्ड का आरक्षण किस वर्ग के हिस्से आएगा और इसके बाद किन दावेदारों का चुनावी गणित बदलेगा

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!