बैकुंठपुर। नगर में स्थित इंदिरा पार्क की बदहाल स्थिति को लेकर प्रसारित खबर का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। मीडिया में मामला उठने के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया और मंगलवार सुबह से पार्क में सफाई अभियान शुरू कराया गया। लंबे समय से गंदगी, अव्यवस्था और उपेक्षा का शिकार बने इस पार्क में अचानक शुरू हुई सफाई से स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि अब स्थिति में सुधार होगा।
नगर पालिका द्वारा सफाई के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रह करने वाली सफाई कर्मियों (सफाई दीदियों) को पार्क में लगाया गया है। इसके चलते शहर के कई वार्डों में नियमित कचरा उठाने का कार्य प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि यहां की सफाई के बाद उन्हें डोर टू डोर भेजा जाता है तो सफाई दीदियों को तपती धूप में कचरा1 कलेक्शन करना होगा, जो उन पर अतिरिक्त भार देकर काम कराया जाएगा। वहीं, पार्क की साफ-सफाई के लिए करीब 10 कर्मचारियों की तैनाती की बात कही गई, लेकिन मौके पर उनकी अनुपस्थिति ने व्यवस्था की पोल खोल दी। इसी तरह 110 प्लसमेन्ट कर्मचारियों की पदस्थापना नगर पालिका में की गई है, परंतु वो कहाँ ड्यूटी कर रहे है इसका पता नही है, सिर्फ मैदान में सफाई दीदी ही नज़र आती है।
इस पूरे घटनाक्रम ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि कर्मचारी तैनात किए गए थे, तो वे मौके से नदारद क्यों रहे? क्या सिर्फ दिखावे के लिए सफाई अभियान चलाया जा रहा है या वास्तव में सुधार की कोई ठोस योजना है? स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से स्थायी समाधान और नियमित देखरेख की मांग की है, ताकि इंदिरा पार्क फिर से लोगों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित स्थान बन सके।



