लाखों की लागत से बना शहरी गोठान वीरान, गोठान में कर दिया पौधरोपण, कचरा खाने को मजबूर गौवंश

Chandrakant Pargir

 


बैकुंठपुर। नगर पालिका बैकुंठपुर द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाए गए शहरी गोठान का उपयोग नहीं होने से वह वीरान पड़ा है। गोठान के आसपास नगर पालिका अधिकारियों द्वारा फलदार पौधों का पौधरोपण कर दिया गया है, जिसके कारण वहां गौवंश को रखने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। नतीजतन सैकड़ों की संख्या में गौवंश गोठान से लगे गेज नदी के मैदान में भटकते नजर आ रहे हैं, जहां शहर का पूरा कचरा डंप किया जाता है। ऐसे में गौवंश कचरा और प्लास्टिक खाने को मजबूर हैं।



मामले को लेकर गौ सेवक अन्नू दुबे ने बताया कि जिस स्थान पर शहर का कचरा डंप किया जाता है, वहीं आसपास बड़ी संख्या में गौवंश घूमते रहते हैं और प्लास्टिक सहित अन्य कचरा खाने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि कचरा उड़कर गेज नदी में भी जा रहा है, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। उनका कहना है कि जहां गौवंश को रखने की व्यवस्था की जानी थी, वहां फलदार पेड़ों का पौधरोपण कर दिया गया है। इस संबंध में उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और नगर पालिका को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।



जानकारी के अनुसार नगर पालिका द्वारा तलवापारा में नगर सैनिक कार्यालय के सामने शहरी गोठान का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में वहां गौवंश नहीं रखे जा रहे हैं। इसके कारण मवेशी सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में भटकते हुए कचरा खाने को मजबूर हो रहे हैं।



बताया जाता है कि हाल ही में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले जनपद पंचायत बैकुंठपुर और नगर पालिका के अधिकारियों ने मवेशियों को भाड़ी स्थित एक निजी गोठान में रखवाया था, लेकिन वहां उनके चारे-पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई। इसके चलते कई मवेशियों की मौत हो गई। बाद में स्थिति बिगड़ने पर मवेशियों को वहां से छोड़ना पड़ा।



स्थानीय लोगों और गौ सेवकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहरी गोठान का सही उपयोग करते हुए गौवंश के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें कचरा खाने के लिए मजबूर न होना पड़े।

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