बैकुंठपुर। नगर पालिका कॉम्प्लेक्स की एक दुकान को लेकर एक बार फिर आवंटन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। चर्चा है कि दुकान का आवंटन खुली नीलामी (ऑक्शन) के बजाय कोटेशन के माध्यम से किया गया। यदि ऑक्शन कराया जाता तो नगर पालिका को अधिक राजस्व मिलने की संभावना जताई जा रही है।
इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष नविता शिवहरे ने कहा कि “मुझे इस मामले की अभी जानकारी नहीं है। मामला परिषद में आएगा तो जांच कराई जाएगी। यदि प्रक्रिया में कोई त्रुटि पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।”
तीन बार ऑक्शन का दावा, लेकिन जानकारी नहीं!
सूत्रों का कहना है कि संबंधित दुकान के लिए तीन बार ऑक्शन की प्रक्रिया की गई, परंतु कोई बोलीदाता सामने नहीं आया। वहीं स्थानीय लोगों का सवाल है कि ऑक्शन कब और किस तिथि को कराया गया, इसकी सार्वजनिक सूचना किसी को नहीं मिली। पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुराना मामला न्यायालय में विचाराधीन
गौरतलब है कि पुराने बस स्टैंड क्षेत्र की एक दुकान को कोटेशन पर दिए जाने का मामला पहले से न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में एक और दुकान के कोटेशन से आवंटन की चर्चा ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर बहस तेज कर दी है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति के आवंटन में खुली और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, ताकि नगर पालिका को अधिकतम राजस्व प्राप्त हो सके और किसी प्रकार की शंका की गुंजाइश न रहे।
अब देखना होगा कि परिषद की बैठक में यह मामला किस रूप में सामने आता है और जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकलता है।

