कोरिया जिले में धान खरीदी के अंतिम दो दिन, एडजस्टमेंट और मिलावट के खेल की आशंका गहराई

Chandrakant Pargir

 


बैकुंठपुर। कोरिया जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए अब केवल दो दिन शेष रह गए हैं। इसी बीच कुछ धान खरीदी केंद्रों पर “एडी” करने की छूट दिए जाने के बाद हालात और भी संवेदनशील हो गए हैं। ज़मीनी स्थिति यह है कि अधिकांश खरीदी केंद्रों से प्रशासनिक अधिकारी नदारद हैं, जिससे बचे हुए दिनों में बड़े पैमाने पर धान के एडजस्टमेंट और गड़बड़ियों की आशंका गहराती जा रही है।



सूत्रों के अनुसार पटना, जिल्दा और बड़े कलुआ जैसे संवेदनशील धान खरीदी केंद्रों पर अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। खास तौर पर इन केंद्रों में नए धान में पुराने धान को मिलाकर बिक्री किए जाने का मामला भी देखने को मिल रहा है। गुणवत्ता जांच के अभाव और अधिकारियों की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर यह खेल खुलेआम चल रहा है, लेकिन निगरानी के नाम पर जिम्मेदार महकमा आंख मूंदे बैठा नजर आ रहा है।


सूत्रों के मुताबिक पटना, जिल्दा और बड़े कलुआ जैसे संवेदनशील धान खरीदी केंद्रों पर पहले भी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। यदि इन केंद्रों पर तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती कर दी जाए और सख्त निगरानी रखी जाए, तो कई सौ क्विंटल धान के एडजस्टमेंट को रोका जा सकता है। इससे शासन को होने वाले लाखों रुपये के संभावित आर्थिक नुकसान से भी बचाया जा सकता है। कुल मिलाकर अब किसान के धान की बिक्री आड़ में बिचौलियों का धान बिक्री का खेल बड़े स्तर पर चल रहा है।


दरअसल, एडजस्टमेंट के खेल में धान समिति में आए बिना ही सीधे मिलर तक पहुंचा दिया जाता है और कागजों में खरीदी दिखा दी जाती है। यदि बचे हुए दो दिनों में इन संवेदनशील केंद्रों पर प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती कर दी जाए और हर शाम समिति में आए धान का भौतिक सत्यापन कराया जाए, तो बड़े खुलासे संभव हैं। जानकारों का मानना है कि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो अंतिम दो दिनों में बड़े स्तर पर एडजस्टमेंट और मिलावट का खेल होना तय है, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता 

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!