सूरजपुर। बिहारपुर निवासी 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा को बैंगलोर के बाल विकास गृह से वापस लाने की मांग को लेकर बुधवार को एनएसयूआई ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन एनएसयूआई जिलाध्यक्ष आकाश साहू के नेतृत्व में दिया गया, जिसमें छात्रा को शीघ्र सुरक्षित वापस लाने की अपील की गई।
एनएसयूआई ने बताया कि ग्राम करौटी, थाना चांदनी, बिहारपुर ब्लॉक ओडगी निवासी की 15 वर्षीय पुत्री सूरजपुर के सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में अध्ययनरत थी। वह वकील कॉलोनी में किराए के मकान में अपने सहपाठियों के साथ रहकर पढ़ाई कर रही थी। 30 जुलाई 2025 को छात्रा को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसला कर ले जाया गया। लगभग छह माह बीत जाने के बावजूद छात्रा वापस नहीं लौटी।
जांच के दौरान अधिकारियों और पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्रा को बैंगलोर के यशवंतपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित बाल विकास गृह में रखा गया है। जिस व्यक्ति के साथ छात्रा गई थी, वह काफी पहले वापस आ चुका है, लेकिन छात्रा अब भी वहीं है। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब महिला एवं बाल विकास विभाग सूरजपुर के अधिकारी, कुछ पुलिस बल और परिवार का एक सदस्य छात्रा को लेने बैंगलोर गए, तो आदेशित सूची में दर्ज पुलिसकर्मियों के स्थान पर अन्य पुलिस बल पहुंच गए। आईडी और सूची का मिलान न होने पर बैंगलोर के अधिकारियों ने छात्रा को सौंपने से इनकार कर दिया।
इस मामले को गंभीर बताते हुए कलेक्टर से हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई के माध्यम से छात्रा को जल्द से जल्द वापस लाने की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व विधायक पारस नाथ राजवाड़े, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष भगवती राजवाड़े, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अश्विनी सिंह, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज डालमिया, नगर पालिका अध्यक्ष कुसुमलता राजवाड़े, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जफर हैदर सहित विष्णु कसेरा, नीरज तायल, मधु साहू, सैयद नदीम, मुस्तफा खान, तनवीर, अफरोज अंसारी, शिवम साहू, लिवनेश सिंह, सुमंत राजवाड़े, हैदर अली, आयुष शांडिल्य, ललित तथा छात्रा के पिता उपस्थित थे।

