बैकुंठपुर। कोरिया जिले के बैकुंठपुर में पटवारी को ब्लैकमेल कर ढाई लाख रुपये की मांग करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस लगातार दबिश दे रही है, वहीं इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, जैसे ही पटवारी अमरेश कुमार पाण्डेय को आरोपी की गतिविधियों पर संदेह हुआ, उन्होंने व्हाट्सएप कॉल और नंबर को रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। शुरुआत में आरोपियों ने ढाई लाख रुपये की मांग की, लेकिन पटवारी द्वारा समय मांगने पर सौदेबाजी करते-करते मामला एक लाख रुपये पर आकर अटक गया। 21 दिसंबर को आरोपी ने तत्काल पैसे की मांग की और सुबह 11 बजे बचरा–पोंडी मार्ग पर बुलाया। आरोपी व्हाट्सएप कॉल पर लगातार लोकेशन और वीडियो मंगवाता रहा और जरा सी देरी होने पर धमकाने लगता था।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने पटवारी और साथ मौजूद पुलिस टीम को करीब चार घंटे तक अलग-अलग स्थानों पर घुमाया। इससे पहले पुलिस ने पूरी रणनीति के साथ जाल बिछा रखा था। अंत में आरोपी ने पैसे बैमा–बचरा सड़क मार्ग के पास एक पेड़ के नीचे रखने को कहा। जैसे ही एक युवक पैसे लेने पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में अपने साथी और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, लेकिन मुख्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा।
मामले में चौंकाने वाला पहलू यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी ने खुद को मीडिया के सामने पीड़ित बताने की कोशिश की और पैसे लेने से जुड़ा एक वीडियो वायरल करने का प्रयास भी किया। हालांकि, एक आरोपी के पकड़े जाने के बाद उसकी यह साजिश नाकाम रही और वह फरार हो गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि वीडियो बनाने और ब्लैकमेलिंग की पूरी साजिश का असली मास्टरमाइंड कौन है, वीडियो किसने और कैसे तैयार किया, और क्या इस गिरोह में और लोग भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया

