हल्ला है।।।
स्वेच्छानुदान पर रार
भरतपुर सोनहत की पूर्व विधायक चंपा देवी पावले के कार्यकाल में बांटी गई स्वेच्छानुदान की राशि पर वर्तमान विधायक गुलाब कमरो (तब वे समाजिक कार्यकर्ता व एक्टिविस्ट हुआ करते थे) आए दिन अखबारों में छाए रहा करते थे, ये दौर था वर्ष 2015 से 2018 तक का, चुनाव में भी उन्होने इसे जमकर भुनाया, तब वे स्वेच्छानुदान की राशि के बेजा इस्तेमाल का आरोप लगाया करते थे, परन्तु अब बारी पूर्व विधायक चंपा देवी पावले की है वो अब विधायक गुलाब कमरो पर आरोप लगा रही है कि उन्होनें ना सिर्फ अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों का राशि बांटी बल्कि दूसरे विधानसभा के लोगों को भी जमकर उपकृत किया, अब हल्ला यह है कि स्वेच्छानुदान की राशि की जानकारी निकाल कर सोशल मीडिया मंे पोस्ट करने वाले की तलाश की जा रही है, ताकि इसकी पीडीएफ और ज्यादा वायरल ना हो सके, क्योंकि पूर्व मंत्री भइयालाल राजवाडे द्वारा बांटी स्वेच्छानुदान की राशि की पीडीएफ भाजपा के गले की फांस बन गई थी और हार का सामना करना पड़ा था।
25 लाख डूब गए
जिले में डीएमएफ मद में बाहरी ठेकेदार मौज काट रहे है, अब हल्ला यह है कि एक ठेकेदार के 25 लाख डूब गए, चर्चा है कि रायपुर का ठेकेदार एक जिले में बिना टेंडर काम कर आया था और यहां भी सेंटिंग हो चुकी थी, कि बिना टेंडर उसे करोडो का काम आसानी से मिल जाएगा, बयाने के तौर पर 25 लाख भी दे चुका था, पर जिस विभाग के जरीए काम होना था उसने टेंडर लगा दिया, इधर, ठेकेदार अब करें तो करे क्या, क्योंकि जहां उसने 25 दिया है वहां से पैसा वापसी का कोई प्रावधान नही है। बेचारे ठेकेदार के 25 लाख डूब गए।
भाजपा में टिकट की बेचैनी
भाजपा के छत्तीसगढ प्रभारी ओम माथुर आए और कोर ग्रूप के सदस्यों से तीन तीन नाम लेकर उड़ गए, इधर टिकट किसे मिलेगा इसे लेकर ना सिर्फ भाजपा में बल्कि कांग्रेस और अन्य क्षेत्रिय दलों में भी बेचैनी देखी जा रही है। ओम माथुर ने प्रेस वार्ता में साफ कर दिया था कि जिस तरह से सरगुजा संभाग की 5 सीटों पर टिकट दिया गया वहीं फार्मूला के तहत टिकट दिया जाएगा। हल्ला यह है कि कुछ पुराने नेता खुद की टिकट की लाबिंग करवाने में जुट गए है, भाजपा के बड़े नेताओं से जैक लगाया जा रहा है। गृहमंत्री अमित शाह के दौरे में कैसे भी खुद के नाम पर मुहर लगाने की हर संभव कोशिश की जा रही है, जबकि इस बार भाजपा नए चेहरों के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है इसके लिए राज्य के नेताओ तक को हवा नहीं लग रही है कि किसको टिकट मिलना है।
हर नेता इन्ही को देता है स्वेच्छानुदान
स्वेच्छानुदान की राशि को लेकर चर्चा आम है, किसे कितनी राशि मिली उस नाम को काटकर वायरल किया जा रहा है। सूची में ऐसे लोग भी है उनके नाम से ना देकर अब उनके बेटे या पत्नी के नाम पर बड़ी राशि दी गई हैं, बड़ी सफाई से पति के नाम को काटकर सूची में नाम दर्शाया गया है, 70 हजार से डेढ़ लाख रू तक की राशि जारी की गई, स्वेच्छानुदान की पीडीएफ एक वर्ष की बताई जा रही है, हल्ला है कि हर नेता इन्ही को स्वेच्छानुदान कैसे दे देता है, न सिर्फ इनको इनके बेटे और पिता तक को राशि मिल जाया करती है और बाद में नेता को हार नसीब होती है, अब देखना है इस बार क्या होता है।
भ्रष्टाचार पर किसकी बरस रही कृपा
स्वास्थ्य विभाग में भारी भ्रष्टाचार पर किसकी कृपा बरस रही है। इसकी चर्चा जोरों पर है। अब हल्ला है कि तमाम तरह की खरीदी में हुए भ्रष्टाचार के बाद अब जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक के उपकरण और सामग्री की खरीदी की तैयारी पूरी कर ली गई है, वही CMHO दवाओं का टेंडर नही निकाल रहे है, हल्ला है कि यदि एक बार दवा का टेंडर हो गया तो उसी दर पर एनएचएम और जिला अस्पताल में भी दवाओं की खरीदी करनी पड़ेगी जबकि अभी औने पौने भाव मे खरीदी जारी है।
दलालों पर भारी श्याम बिहारी
कांग्रेस के इस कार्यकाल में अवैध कारोबार का खुल कर मुजाहरा किया गया, मनेन्द्रगढ़ के पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल बीते 4 वर्षों से बेधड़क इसे मुद्दा बनाते हुए फ्रंट फुट से बैटिंग कर रहे है, अब उनके नाम से बात करने का ऑर्डियो वायरल हुआ है। पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल के समर्थक इसे दलालों पर श्याम विहारी जायसवाल का भारी पड़ने का कारण बता रहे है, उन्ही के दबाव में क्रेशर में हुई मौत के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वही दूसरी ओर कांग्रेस भी पीछे नही है पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल के आये दिन कोई न कोई नया आरोप लेकर सामने आ जाते है, ताजा मामले को लेकर को कांग्रेस आक्रमक रुख अपनाने की रणनीति बना रही है।

