रायपुर, 12 मई। अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने नर्सिंग संवर्ग को बड़ा सम्मान देते हुए पदनाम परिवर्तन की घोषणा की है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घोषणा की कि अब “नर्सिंग सिस्टर” को “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर” तथा “स्टाफ नर्स” को “नर्सिंग ऑफिसर” के नाम से जाना जाएगा।
यह घोषणा डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय एवं पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी, छात्र-छात्राएं, चिकित्सक एवं अस्पताल कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और मरीजों की सेवा में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग स्टाफ दिन-रात समर्पण भाव से मरीजों की देखभाल करता है तथा चिकित्सा सेवा में मानवीय संवेदनाओं का सबसे बड़ा उदाहरण प्रस्तुत करता है। कोविड काल में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका को याद करते हुए उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सों ने सेवा और समर्पण का परिचय दिया।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा में नर्स का स्थान माँ के समान होता है, क्योंकि वे मरीजों की देखभाल परिवार के सदस्य की तरह करती हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है और वर्षों से लंबित सुविधाओं को पूरा किया जा रहा है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने सीनियर नर्सिंग ऑफिसर डॉ. रीना राजपूत, नीलिमा शर्मा, रंजना सिंह ठाकुर, सुमन देवांगन, कोमेश्वरी नवरंगे, प्रगति सतपुते, शीतल सोनी एवं नमिता डेनियल सहित पूरे नर्सिंग स्टाफ को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम में चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, उप नर्सिंग अधीक्षक डी. अश्लेषम, रश्मि मसीह सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहे।



